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गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का नौवां महीना (35वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ से लेकर 40वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक) यानी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के आखिरी कà¥à¤› दिन, जिसके बाद आपका ननà¥à¤¹à¤¾ मेहमान आपके हाथों में होगा। यकीनन, यह महीना कई तरह के à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• अनà¥à¤à¤µ लेकर आता है। साथ ही गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के इस आखिरी महीने में आपको और à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सावधानियां बरतने की जरूरत हैं। नौवें महीने के दौरान कà¥à¤› महिलाà¤à¤‚ अपने बचà¥à¤šà¥‡ के सà¥à¤µà¤¾à¤—त की तैयारियों में जà¥à¤Ÿ जाती हैं, तो वहीं कà¥à¤› महिलाओं के मन में डिलीवरी को लेकर डर बना रहता है। मॉमजंकà¥à¤¶à¤¨ के इस लेख में हम गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के नौवें महीने से संबंधित जरूरी बातों के बारे में विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से चरà¥à¤šà¤¾ करेंगे।
आइà¤, सबसे पहले जानते हैं कि अंतिम महीने में कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ लकà¥à¤·à¤£ नजर आ सकते हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के नौवें महीने में लकà¥à¤·à¤£ |
सबसे पहले तो यह जानना जरूरी है कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के नौवें महीने में कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ लकà¥à¤·à¤£ नजर आते हैं। नीचे हम इनà¥à¤¹à¥€à¤‚ के बारे में बता रहे हैं :
सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ से रिसाव : जैसे-जैसे गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के आखिरी दिन पास आते हैं, गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ के सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ से पीले रंग का सà¥à¤°à¤¾à¤µ होने लगता है, जिसे ‘कोलोसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤®â€™ कहते हैं। कई महिलाओं में यह लकà¥à¤·à¤£ नौवें महीने में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बढ़ जाता है (1)।
बार-बार पेशाब आना : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के नौवें महीने में जब शिशॠका विकास पूरी तरह हो जाता है, तो शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ à¤à¤¾à¤— पर दबाव और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है, जिस कारण बार-बार पेशाब आना सामानà¥à¤¯ है।
बà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤¸à¤Ÿà¤¨ हिकà¥à¤¸ संकà¥à¤šà¤¨ : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के अंतिम समय में बà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤¸à¤Ÿà¤¨ हिकà¥à¤¸ संकà¥à¤šà¤¨ बढ़ने लग जाते हैं। ये पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा जितने तीवà¥à¤° नहीं होते और न ही जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पीड़ादायक होते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में आप अपने पॉशà¥à¤šà¤° को बदलने की कोशिश करें। इसके अलावा, धीरे-धीरे चलने से à¤à¥€ यह दरà¥à¤¦ कà¥à¤› हद तक कम हो सकता है। वहीं, अगर यह संकà¥à¤šà¤¨ à¤à¤• घंटे में चार बार से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हों और पीड़ादायक हो, यह लेबर पैन का लकà¥à¤·à¤£ होता है। इसलिà¤, तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करना चाहिठ(2)।
शिशॠका नीचे की ओर आना : डिलीवरी के कà¥à¤› सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ पहले आपको सीने में जलन व सांस लेने में तकलीफ जैसी परेशानियों से राहत मिलेगी। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठहोता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इस दौरान शिशॠजनà¥à¤® के लिठअपनी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ ले लेता है और नीचे शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ à¤à¤¾à¤— की ओर आ जाता है (1)।
शिशॠकी गतिविधियों में बदलाव : इस महीने तक शिशॠकी गतिविधियों में अंतर आà¤à¤—ा। जिस तरह वह पहले लगातार गतिविधियां करता था, अब उतनी नहीं करेगा। आखिरी दिनों तक शिशॠका विकास पूरी तरह हो जाता है, इस वजह से उसे गरà¥à¤ में हिलने-डà¥à¤²à¤¨à¥‡ की जगह नहीं मिल पाती। यही कारण है कि उसकी गतिविधियां कम हो जाती हैं।
योनि सà¥à¤°à¤¾à¤µ के साथ रकà¥à¤¤ नजर आना : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के नौवें महीने में योनि सà¥à¤°à¤¾à¤µ के साथ हलà¥à¤•ा रकà¥à¤¤ आ सकता है। यह पà¥à¤°à¤¸à¤µ के कà¥à¤› दिन या कà¥à¤› सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ पहले हो सकता है। हालांकि, à¤à¤¸à¤¾ होना सामानà¥à¤¯ है, लेकिन अगर यह सà¥à¤°à¤¾à¤µ पीले रंग का होता है या इसमें दà¥à¤°à¥à¤—ंध आ रही हो, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° को संपरà¥à¤• करना चाहिठ(3)।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के नौवें महीने के लकà¥à¤·à¤£ जानने के बाद अब हम जानेंगे कि इस दौरान शरीर में कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ बदलाव होते हैं।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के नौवें महीने में शरीर में होने वाले बदलाव
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के नौवें महीने में कई तरह के शारीरिक बदलाव होते हैं, जैसे :
इस महीने तक गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ का कà¥à¤² वजन 11 से 16 किलो के बीच बढ़ जाता है (4)।
इस दौरान नितंब तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा पर दबाव पड़ने के कारण पीठमें तेज दरà¥à¤¦ हो सकता है।
इस महीने तक गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ का शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ à¤à¤¾à¤— खà¥à¤²à¤¨à¥‡ लगता है।
जैसे-जैसे पà¥à¤°à¤¸à¤µ का समय नजदीक आà¤à¤—ा, गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ का तनाव बढ़ सकता है, लेकिन गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के कारण चेहरे पर चमक बरकरार रहेगी।
इस महीने तक गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ के लिठà¤à¥à¤•ना बिलà¥à¤•à¥à¤² मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो जाà¤à¤—ा।
इस महीने तक कà¥à¤› गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को शरीर पर और बाल महसूस हो सकते हैं, खासतौर से चेहरे और निपà¥à¤ªà¤² के आसपास।
आइà¤, अब जानते हैं नौवें महीने में बचà¥à¤šà¥‡ के विकास और आकार के बारे में।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के नौवें महीने में बचà¥à¤šà¥‡ का विकास और आकार
अब तक शिशॠपूरी तरह विकसित हो जाता है और नीचे खिसक कर शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ à¤à¤¾à¤— में आ जाता है। चलिà¤, अब जानते हैं कि नौवें महीने में बचà¥à¤šà¥‡ का कितना विकास होता है और उसका आकार कितना हो जाà¤à¤—ा (5) :
इस महीने के अंत तक शिशॠ19 इंच लंबा और उसका वजन ढाई किलो के आसपास हो सकता है।
इस महीने तक शिशॠके शरीर से लैनà¥à¤—ो (बालों की परत, जो à¤à¥à¤°à¥‚ण को ढक कर रखती है) हटने लगती है।
अब हाथ-पैर पूरी तरह से बन चà¥à¤•े होते हैं और उसके नाखून à¤à¥€ आ जाते हैं।
शिशॠकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ à¤à¤•दम गà¥à¤²à¤¾à¤¬à¥€ और चिकनी हो जाती है।
आइà¤, अब जानते हैं कि अंतिम महीने में किस पà¥à¤°à¤•ार के देखà¤à¤¾à¤² की जरूरत होती है।
नौवें महीने में गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की देखà¤à¤¾à¤² |
à¤à¤²à¥‡ ही यह गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का आखिरी महीना है, लेकिन इस महीने में गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ को और सतरà¥à¤• रहना चाहिà¤à¥¤ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤¸à¤¾ कà¥à¤› नहीं करना चाहिà¤, जिससे होने वाले शिशॠको हानि पहà¥à¤‚चे। गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ कà¥à¤¯à¤¾ खाती है, कà¥à¤¯à¤¾ पीती है और उसकी जीवनशैली कैसी है, इसका सीधा पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ होने वाले शिशॠपर पड़ता है। इसलिà¤, गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ को à¤à¤• खास देखà¤à¤¾à¤² की जरूरत होती है और देखà¤à¤¾à¤² का सबसे पहला चरण होता है खानपान। नीचे हम बताने जा रहे है कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के नौवें महीने में कà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिठऔर कà¥à¤¯à¤¾ नहीं खाना चाहिà¤à¥¤
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के नौवें महीने के लिठआहार |
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में खानपान को लेकर काफी सजग रहने की जरूरत है। आइà¤, पहले जानते हैं कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के नौवें महीने में आपका आहार कैसा होना चाहिà¤à¥¤
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के नौवें महीने में कà¥à¤¯à¤¾ खाà¤à¤‚?
फाइबर यà¥à¤•à¥à¤¤ खाना : इसमें आप हरी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, फल, साबà¥à¤¤ अनाज, ओटà¥à¤¸ व दालें जैसी चीजें खा सकती हैं। इनमें पà¥à¤°à¤šà¥à¤° मातà¥à¤°à¤¾ में फाइबर होता है।
आयरन यà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ : इसमें आप पालक, सेब, बà¥à¤°à¥‹à¤•ली व खजूर जैसी चीजें शामिल कर सकती हैं। अगर आप मांसाहारी हैं, तो चिकन और मीट à¤à¥€ खा सकती हैं।
कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® यà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® यà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ खाना जरूरी है। इसके लिठआप डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ व दही आदि का सेवन कर सकती हैं।
विटामिन-सी यà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ : शरीर में आयरन को अवशोषित करने के लिठविटामिन-सी से à¤à¤°à¤ªà¥‚र खाना जरूरी है। इसके लिठआप नींबू, संतरा, सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥‡à¤°à¥€ व टमाटर जैसी चीजों का सेवन कर सकती हैं।
फोलेट यà¥à¤•à¥à¤Ÿ चीजें : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान फोलेट यà¥à¤•à¥à¤¤ चीजें खाना जरूरी हैं। फोलेट की कमी से शिशॠको रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ या मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• संबंधी विकार होने का खतरा रहता है। इसके लिठगरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ को हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ व बीनà¥à¤¸ का सेवन करना चाहिठ(6)।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के नौवें महीने में कà¥à¤¯à¤¾ न खाà¤à¤‚?
à¤à¤¸à¥€ बहà¥à¤¤ सी चीजें हैं, जो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में बिलà¥à¤•à¥à¤² नहीं खानी चाहिà¤à¥¤ जानिà¤, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के नौवें महीने में कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ चीजें नहीं खानी चाहिठ(7) (8) :
कैफीन : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में कॉफी, चाय व चॉकलेट से परहेज करने की सलाह दी जाती है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इनमें कैफीन होता है, जो शिशॠके लिठसà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ नहीं होता। अगर आपको चाय या कॉफी की लत है, तो à¤à¤• या दो कप चाय या कॉफी पी सकती हैं, लेकिन इस संबंध में डॉकà¥à¤Ÿà¤° की राय लेना जरूरी है।
शराब और तंबाकू : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में शराब का सेवन करना बिलà¥à¤•à¥à¤² मना होता है। इससे समय पूरà¥à¤µ डिलीवरी या शिशॠको किसी तरह का जनà¥à¤® दोष होने का खतरा रहता है।
सैकरीन (कृतà¥à¤°à¤¿à¤® मिठास) : सैकरीन à¤à¤• तरह की मिठास होती है, जिसे कृतà¥à¤°à¤¿à¤® तरीके से बनाया जाता है। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में इसका सेवन करना वरà¥à¤œà¤¿à¤¤ है। अगर आपका मीठा खाने का दिल कर रहा है, तो फलों का जूस या घर में बनाई हà¥à¤ˆ मीठी कैंडी खा सकती हैं।
सॉफà¥à¤Ÿ चीज़ : सॉफà¥à¤Ÿ चीज़ में इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया गया दूध गैर पॉशà¥à¤šà¤°à¥€à¤•ृत होता, इसलिठइसे गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में नहीं खाना चाहिà¤à¥¤ इससे संकà¥à¤°à¤®à¤£ का खतरा हो सकता है।
जंक फूड : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान जंक फूड खाने से बचें। ये चीजें आपके पाचन को खराब करती हैं और इनमें पोषक ततà¥à¤µ à¤à¥€ नहीं होते हैं।
कचà¥à¤šà¤¾ मांस, अंडे व मछली : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में उचà¥à¤š मरकरी वाली मछली, कचà¥à¤šà¤¾ मांस व कचà¥à¤šà¥‡ अंडे न खाà¤à¤‚। इनसे à¤à¥à¤°à¥‚ण के विकास में बाधा पहà¥à¤‚चती है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के नौवें महीने के लिठवà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला हो या कोई सामानà¥à¤¯ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿, वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® सà¤à¥€ के लिठफायदेमंद होता है (9)। बात की जाठगरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला की, तो सावधानी बरतते हà¥à¤ पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤• की निगरानी में वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करना उनके लिठफायदेमंद साबित हो सकता है। सà¥à¤¬à¤¹-शाम की सैर और सांस संबंधी वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® जैसे अनà¥à¤²à¥‹à¤®-विलोम किया जा सकता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का नौवां महीना यूं तो काफी सतरà¥à¤•ता बरतने वाला होता है, लेकिन पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤• की निगरानी में रहकर योग किया जा सकता है।
आप वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करने के लिठà¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ बॉल का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकती हैं। इससे वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करने में आसानी होगी।
नौवें महीने में किगल वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करना फायदेमंद हो सकता है। इससे शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ à¤à¤¾à¤— में लचीलापन आता है और पà¥à¤°à¤¸à¤µ को आसानी से सहन किया जा सकता है।
आप चाहें तो पानी के à¤à¤°à¥‹à¤¬à¤¿à¤•à¥à¤¸ à¤à¥€ कर सकती हैं। इससे आपकी मांसपेशियां मजबूत होंगी।
नोट : इस दौरान आप à¤à¤¸à¤¾ कोई à¤à¥€ वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® व योग न करें, जिससे पेट पर दबाव पड़े और हर वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤• की निगरानी में रहकर ही करें।
लेख के अगले à¤à¤¾à¤— में अंतिम महीने में किठजाने वाले कà¥à¤› टेसà¥à¤Ÿ के बारे में बताया गया है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के नौवें महीने में सà¥à¤•ैन और परीकà¥à¤·à¤£
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के नौवें महीने में डॉकà¥à¤Ÿà¤° हर सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ जांच के लिठबà¥à¤²à¤¾ सकता है। जानिà¤, नौवें महीने के दौरान कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ जांच होती हैं :
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ का वजन चेक किया जाà¤à¤—ा।
बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की जांच की जाà¤à¤—ी।
शà¥à¤—र और पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ का सà¥à¤¤à¤° जांचने के लिठयूरिन टेसà¥à¤Ÿ किया जाà¤à¤—ा।
à¤à¥à¤°à¥‚ण की दिल की धड़कनों की जांच की जा सकती है।
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ का आकार मापा जा सकता है।
शिशॠका आकार और सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ जांची जाà¤à¤—ी।
होमोगà¥à¤°à¤¾à¤® टेसà¥à¤Ÿ, जिसमें आपके रकà¥à¤¤ का नमूना लिया जाà¤à¤—ा और शरीर का पूरा बà¥à¤²à¤¡ काउंट देखा जाà¤à¤—ा।
आइà¤, अब जानते हैं कि इस महीने में कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ सावधानियां बरतनी चाहिà¤à¥¤
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 9 महीने के दौरान सावधानियां – कà¥à¤¯à¤¾ करें और कà¥à¤¯à¤¾ नहीं
नौवां महीना काफी नाजà¥à¤• होता है। इस दौरान गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ को काफी सावधानियां बरतनी होती हैं। नीचे हम बताने जा रहे हैं कि नौवें महीने के दौरान कà¥à¤¯à¤¾ करना चाहिठऔर कà¥à¤¯à¤¾ नहीं करना चाहिठ:
कà¥à¤¯à¤¾ करें?
आप चाहें तो सà¥à¤µà¤¿à¤®à¤¿à¤‚ग पूल में जाकर कà¥à¤› देर रिलैकà¥à¤¸ हो सकती हैं (10)। इससे आपका शरीर पà¥à¤°à¤¸à¤µ के लिठतैयार होता है और आपको तनाव से राहत मिलती है।
इस दौरान गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी से नहाने से आपको काफी अचà¥à¤›à¤¾ महसूस होगा। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें कि पानी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गरà¥à¤® न हो।
अपने परिवार वालों के साथ समय बिताà¤à¤‚ और आने वाले मेहमान के बारे में कà¥à¤› दिलचसà¥à¤ª बातें करें।
इस महीने में आप अपने शिशॠका नाम à¤à¥€ तय कर सकती हैं।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के लिठअसà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² जाने के लिठजरूरी सामान का बैग तैयार करें, ताकि पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा शà¥à¤°à¥‚ होते ही आप बैग उठाकर असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² तà¥à¤°à¤‚त पहà¥à¤‚च सकें।
अब ननà¥à¤¹à¥‡ मेहमान के आने में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय नहीं है, इसलिठकà¥à¤› वकà¥à¤¤ अपने लिठनिकालें। डिलीवरी के बाद आप बचà¥à¤šà¥‡ की देखà¤à¤¾à¤² में लग जाà¤à¤‚गी और हो सकता है अपने लिठवकà¥à¤¤ कम मिले। इसलिà¤, अगर डॉकà¥à¤Ÿà¤° बाहर जाने की सलाह देते हैं, तो अपने दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ से मिलें, फिलà¥à¤® देखें या फिर शॉपिंग करें। इससे आपको अचà¥à¤›à¤¾ महसूस होगा।
आप इस महीने अपने आने वाले बचà¥à¤šà¥‡ के लिठशॉपिंग कर सकती हैं। उसके लिठपालना ला सकती हैं, कपड़े ला सकती हैं। इसके अलावा, डाइपर आदि का पà¥à¤°à¤¬à¤‚ध पहले ही कर के रख लें।
कà¥à¤¯à¤¾ न करें?
आप 9वें महीने की पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान बिलà¥à¤•à¥à¤² à¤à¥€ तनाव न लें। हम जानते हैं कि यह समय कà¥à¤› कठिन होता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि डिलीवरी को लेकर मन में डर बना रहता है, लेकिन आप उस समय के बारे में सोचें, जब आपका ननà¥à¤¹à¤¾ आपके सीने से लगा होगा।
नौवें महीने में जितना हो सके आराम करें और घर के कामों में खà¥à¤¦ को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ न उलà¤à¤¾à¤à¤‚।
आप बिलà¥à¤•à¥à¤² à¤à¥€ पेट के बल नीचे की ओर न à¤à¥à¤•ें और à¤à¤¾à¤°à¥€ सामान बिलà¥à¤•à¥à¤² न उठाà¤à¤‚।
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर तक खड़ी न रहें। इससे आपको थकान हो सकती है।
पीठके बल न सोà¤à¤‚। इस तरह सोने से गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ का à¤à¤¾à¤° रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ पर पड़ता है, जिससे पीठमें दरà¥à¤¦ बढ़ सकता है।
नौवें महीने के दौरान चिंताà¤à¤‚
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के नौवे महीने में कà¥à¤› सामानà¥à¤¯ चिंताà¤à¤‚ हो सकती हैं, जो इस पà¥à¤°à¤•ार हैं :
शिशॠकी हलचल : तीसरी तिमाही में शिशॠकी गतिविधि थोड़ी कम हो जाती है, जिससे कà¥à¤› महिलाओं को चिंता हो सकती है। इसलिà¤, गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ को शिशॠकी हलचल पर जरूर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना चाहिà¤à¥¤
पà¥à¤°à¤¸à¤µ को समà¤à¤¨à¤¾ : गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ को पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा शà¥à¤°à¥‚ हो गई है, इसको समà¤à¤¨à¤¾ कà¤à¥€-कà¤à¥€ मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो जाता है। खासतौर पर वो महिलाà¤à¤‚ इसे नहीं समठपातीं, जो पहली बार मां बनने वाली हैं।
पानी की थैली फटना : सारà¥à¤µà¤œà¤¨à¤¿à¤• तौर पर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ की पानी की थैली फटने की चिंता इस महीने में बनी रहती है, लेकिन à¤à¤¸à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नहीं होता, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि बहà¥à¤¤ कम महिलाà¤à¤‚ ही à¤à¤¸à¥€ होती हैं जिनकी पानी की थैली संकà¥à¤šà¤¨ से पहले फटे। कà¤à¥€-कà¤à¥€ डॉकà¥à¤Ÿà¤° को खà¥à¤¦ पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान पानी की थैली को तोड़ने का फैसला करते हैं। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° à¤à¤¸à¤¾ तब होता है, जब गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ को अपà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक तरीके पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा शà¥à¤°à¥‚ कराई जाती है (11)।
अब हम नीचे होने वाले पिता के लिठकà¥à¤› काम के टिपà¥à¤¸ दे रहे हैं।
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